ताइवान सीमा में चीन ने और भेजे 21 जंगी विमान और 5 नौसैनिक जहाज

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China-Taiwan Conflict: चीन अब ताइवान की पुरी तरह से मोर्चाबंदी में जुट गया है. यूएस प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी व सीनेटर एड मार्के के नेतृत्व में अमेरिकी सांसदों को ताइवान दौरे से बौखलाया चीन ने शनिवार को ताईवान की सीमा में और 21 जंगी विमान और 5 नौसैनिक जहाज भेजा है. उसने शुक्रवार को 6 नौसैन्य जहाज और 51 लड़ाकू विमान ताइवानी सीमा में भेजा था.

चीनी घुसपैठ को ताइवान रक्षा मंत्रालय ने किया ट्रैक

चीन ताइवान को चारों तरफ से घेरने में जुटा हुआ है. इसको लेकर ताइवान भी सक्रिय है. चीनी सेना को लेकर ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने नई घुसपैठ को ट्रैक किया है. ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने देशभर में चीनी सेना के 17 विमानों और 5 जहाजों को ट्रैक किया है. इनमें से 8 ऐसे जेट भी हैं जिन्होंने ताइवान स्ट्रेट के ऊपर मध्य रेखा को पार किया. ट्रैक किए गए विमानों में 4 शीआन जेएच-7 लड़ाकू-बॉम्बर, 2 सुखोई एसयू-30 लड़ाकू और 2 शेनयांग जे-11 जेट है. जे-11 ने दक्षिणी छोर को पार किया जबकि अन्य ने उत्तरी छोर पर मध्य रेखा को पार कर लिया है. ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा, उसने अपने लड़ाकू वायु गश्ती विमानों, नौसेना के जहाजों और वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली को चीन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तैनात कर रखा है.

जापानी नेता भी करेंगे ताइवान का दौरा

चीन-ताइवान तनाव के बीच अब जापानी नेता भी ताइवान के दौरे पर जाने की तैयारी में लगे हैं. US प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी के बाद अब जापान ने भी संसद की सलाहकार परिषद के अध्यक्ष फुरुया केजी और महासचिव किहारा मिनोरू को ताइवान भेजने का फैसला किया है. दोनों नेता 22 से 24 अगस्त तक ताइवान में रहेंगे. ताइवान के विदेश मंत्रालय ने जापान के राजनेताओं की यात्रा का स्वागत किया है. दोनों नेता चीन द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे सैन्य अभ्यास पर ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वे से भी मिलेंगे.

चीन अब ताइवान स्ट्रेट में अस्थिरता का एजेंट: बर्न्स

चीन में अमेरिकी राजदूत निकोलस बर्न्स ने कहा कि, हम नहीं मानते कि अमेरिकी हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी की शांतिपूर्ण ताइवान यात्रा पर अमेरिका-चीन संबंधों में कोई कड़वाहट होनी चाहिए.अमेरिकी राजदूत ने यह भी कहा कि दुनियाभर में इस बात को लेकर चिंता है कि चीन अब ताइवान स्ट्रेट में अस्थिरता का एजेंट बन गया है, जो किसी के हित में नहीं. विश्व स्तर पर चीन को यह समझाने की जरूरत है कि वह अस्थिरता का एजेंट नहीं है.